कर्नाटक में बीजेपी ने फिर जीता विश्वास मत
१४ अक्टूबर २०१०बीजेपी के 11 बागी और पांच निर्दलीय विधायकों के बिना सदन में सदस्यों की संख्या 208 रह गई. इस आंकड़े के आधार पर बीजेपी ने आसानी से विश्वास मत जीत लिया. एक निर्दलीय को मिलाकर पार्टी के पास 106 विधायक हैं. इतने ही विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 100 विधायक उसके विरोध में रहे.
इससे पहले सोमवार को भी बीजेपी ने विश्वास मत हासिल था. लेकिन राज्यपाल एचएस भारद्वाज ने उसे तमाशा बताकर खारिज कर दिया और राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की. इस सिफारिश के बाद बीजेपी और कांग्रेस में तीखी तकरार हुई.
नए दांव के रूप में येदियुरप्पा को एक बार फिर बहुमत साबित करने को कहा गया. बीजेपी को बड़ी राहत कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली. राज्य की शीर्ष अदालत ने बुधवार को बागी विधायकों की अर्जी खारिज कर दी. बागी विधायकों ने दरख्वास्त की थी कि उन्हें विश्वास मत प्रस्ताव में हिस्सा लेने दिया जाए.
रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह
संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य