दुनिया भर में चीनियों को अल क़ायदा से ख़तरा
१५ जुलाई २००९अल्जीरिया में चीनी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर सभी चीनी नागरिकों को हिदायत दी है कि पांच जुलाई को उरुमछी में हुई घटना को देखते हुए वे सुरक्षा के लिए ज़्यादा एहतियाती क़दम उठाएं.
चीनी दूतावास ने लंदन की एक संस्था की रिपोर्ट के बाद यह क़दम उठाया है. लंदन की स्टर्लिंग असिन्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी प्रांत शिनजियांग की राजधानी उरुमछी में हुई हिंसा के बाद अल क़ायदा उत्तर पश्चिम अफ्रीका में चीनी मज़दूरों पर हमला कर सकता है.
इस मामले पर जब चीनी विदेश मंत्रालय से पूछा गया तो इसके प्रवक्ता ने कहा, "चीन विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों से अपील करता है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर ज़्यादा सतर्क रहें. चीन अपने संस्थाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव क़दम उठाएगा."
अल्जीरिया की राजधानी अल्जीयर्स में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने बताया, "हम समझते हैं कि अल्जीरिया में सुरक्षा के क़दम बहुत मज़बूत हुए हैं और हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अल्जीरिया की सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा कर सकते हैं."
इस बीच फ़िलिपीन्स में भी सरकार ने चीनी दूतावास और काउंसुलेटों के आस पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के आदेश दिए हैं. फ़िलिपीन्स के दक्षिणी हिस्से में भी मुस्लिम उग्रवाद का ख़तरा छाया हुआ है. फ़िलिपीन्स की राष्ट्रीय पुलिस निदेशालय के मुखिया आंद्रे कारो ने बताया कि पुलिस की ख़ुफ़िया विभागों से कहा गया है कि वे चीनी दूतावासों पर ख़तरे की संभावना की जांच करें.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता किन गैंग ने कहा कि सारी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी गई है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा कोशिश है कि अन्य संबंधित देशों के साथ मिलकर चीनी संस्थानों और उनमें काम कर रहे लोगों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठाए जा सकें. ग़ौरतलब है कि पिछले कई सालों से अन्य देशों में चीनी कामगारों और सुरक्षा वाहनों, जहाज़ों पर अपहरण और हमले की घटनाएं हुई हैं.
इस बीच, चीन के अंदर भी शिंचियांग प्रांत में उरुमछी और इसके आस पास कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त बनी हुई है. कुछ दिनों पहले यहां हुई हिंसा में 184 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक हज़ार से ज़्यादा घायल हो गए थे. यह झगड़ा मुस्लिम उईगुर और स्थानीय चीनी हान समुदायों के बीच हुआ था.
रिपोर्टः रॉयटर्स/सरिता झा
संपादनः ए जमाल