'पाकिस्तान को बताते तो लादेन भाग जाता'
४ मई २०११सीआईए के प्रमुख पैनेटा ने टाइम मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में कहा, ''यह तय हुआ कि पाकिस्तानियों के साथ काम करने की कोई भी कोशिश मिशन को जोखिम में डाल सकती है. वे निशाने (लादेन) को आगाह कर सकते थे.'' यही वजह रही कि अमेरिका ने पाकिस्तान को ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगने दी और 40 मिनट में लादेन का खेल खत्म कर दिया. मिशन पूरा होने के बाद जब अमेरिकी हेलिकॉप्टर पाकिस्तानी वायुक्षेत्र से बाहर निकल गए, तब पाकिस्तान को जानकारी दी गई.
लादेन को मारने का आदेश
एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि कंमाडोज को लादेन को जान से मारने का अधिकार दिया गया था. अमेरिका को आशंका थी कि लादेन या उसके सहयोगी पलटवार करेंगे. हमले के वक्त लादेन निहत्था था, उसे पकड़ा जा सकता था. इसके जवाब में व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी ने कहा, ''यह नहीं समझा जाना चाहिए कि निहत्था आदमी विरोध नहीं कर सकता. विरोध हथियारों के बिना भी होता है.''
पैनेटा ने कहा, ''साफ कहूं तो उस वक्त ऐसे हालात ही नहीं थे कि लादेन अपनी कोई मांग रख पाता. ऑपरेशन के दौरान वहां कुछ ऐसी हलचलें हो रही थीं जिनसे हमारे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी.''
पाकिस्तान पर दबाव
एबटाबाद में लादेन के मारे जाने से पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है. उस पर पश्चिमी देशों का दबाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने भी इस्लामाबाद से लादेन के संबंध में जवाब मांगा है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने एक रेडियो से बातचीत में कहा कि आतंकवाद की मदद करने वाले तंत्र को लेकर इस्लामाबाद का जवाब देना होगा.
अमेरिका कह चुका है कि वह पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में गैरकानूनी रूप से घुसने के लिए माफी नहीं मांगेगा. सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी कार्रवाई से पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी नाराज हैं लेकिन फिलहाल उनकी हालत खिसियाई बिल्ली की तरह हो गई है, वे कुछ नहीं कह पा रही हैं.
रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह
संपादन: ए कुमार